चार दिशाएँ – Class 2 Hindi Chapter 22 Notes & NCERT PDF

Class 2HindiChapter 22NCERT book: सारंगी - हिंदी कक्षा 2

Notes and a simple summary of Chapter 22 of the NCERT Class 2 Hindi book, with the official chapter PDF, flashcards, an MCQ quiz and an AI tutor for your doubts.

🎧 Listen to the content

पाठ 22: चार दिशाएँ

परिचय

यह पाठ इकाई 5: आकाश का पहला पाठ है। 'चार दिशाएँ' एक 'आनंदमयी कविता' है, जो यू.पी. बोर्ड एवं एस.सी.ई.आर.टी., यू.पी. से साभार ली गई है। यह छोटी-सी कविता बहुत आसान तरीके से चारों दिशाओं — पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण — को पहचानना सिखाती है। इसके लिए कविता उगते सूरज की मदद लेती है।

इस पाठ में क्या है

कविता कहती है —

उगता सूरज जिधर सामने
उधर खड़े हो मुँह करके तुम
ठीक सामने पूरब होता
और पीठ पीछे है पश्चिम
बायीं ओर दिशा उत्तर की
दायीं ओर तुम्हारे दक्षिण
चार दिशाएँ होती हैं यों
पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण।

यानी सुबह जिधर सूरज उगता है, उधर मुँह करके खड़े हो जाओ। तब —

  • सामने — पूरब
  • पीठ पीछे — पश्चिम
  • बायीं ओर — उत्तर
  • दायीं ओर — दक्षिण
  • मुख्य बातें

  • दिशाएँ चार होती हैं — पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण।
  • सूरज पूरब में उगता है।
  • पूरब की ओर मुँह करें तो पीछे पश्चिम, बाएँ उत्तर और दाएँ दक्षिण होता है।
  • दिशा पहचानने के लिए हमें बाएँ और दाएँ का ज्ञान होना चाहिए।
  • दिशा जानने से हम रास्ता ढूँढ़ सकते हैं।
  • पुस्तक की गतिविधियाँ

  • बातचीत के लिए: आप दिशा का अनुमान कैसे लगाते हैं? दिए गए शब्दों — आकाश, ओले, बादल, जंगल, मिलकर, जानवर, शेर, हाथी, लोमड़ी, डर, सुबह, खुशी-खुशी, नाचना, पहाड़ — से अपनी-अपनी कहानी बनाकर कक्षा में सुनाना।
  • खेल-खेल में: एक गोले में बैठकर बताना — आपके दाईं ओर कौन-कौन से मित्र बैठे हैं? बाईं ओर कौन-कौन? बाईं ओर से आप किस नंबर पर हैं? दाईं ओर से किस नंबर पर?
  • आइए, कुछ बनाएँ: छोटे समूहों में चारों दिशाओं के नाम वाले कार्ड बनाकर कक्षा की दीवारों पर सही जगह लगाना और चारों दिशाओं के लिए कुछ चित्र बनाना।
  • नए शब्द

  • दिशा — ओर, तरफ़
  • पूरब — जिधर सूरज उगता है (पूर्व)
  • पश्चिम — जिधर सूरज डूबता है
  • उत्तर — पूरब की ओर मुँह करने पर बायीं ओर की दिशा
  • दक्षिण — पूरब की ओर मुँह करने पर दायीं ओर की दिशा
  • उगता — निकलता हुआ
  • सामने — आगे
  • पीठ — शरीर का पीछे वाला भाग
  • बायीं — बाएँ हाथ की ओर
  • दायीं — दाएँ हाथ की ओर
  • अभिभावकों और शिक्षकों के लिए सुझाव

  • सुबह बच्चों को खुले मैदान में ले जाकर उगते सूरज की ओर मुँह करके खड़ा करें और कविता के साथ दिशाएँ दिखाएँ।
  • पहले बाएँ-दाएँ हाथ पक्का कराएँ — जैसे दाएँ हाथ से खाना खाते हैं, तो वह दायाँ है।
  • कक्षा की दीवारों पर दिशा कार्ड लगाएँ और रोज़ पूछें — खिड़की किस दिशा में है?
  • घर पर पूछें — सूरज सुबह किस ओर से झाँकता है? शाम को किस ओर डूबता है?
  • गोले वाली गतिविधि से बाएँ-दाएँ और गिनती दोनों का अभ्यास कराएँ।
  • आम गलतियाँ

  • बच्चे बाएँ और दाएँ में भ्रम करते हैं, इसलिए उत्तर और दक्षिण उलट जाते हैं।
  • यह समझ लेना कि सूरज पश्चिम में उगता है। सूरज पूरब में उगता है।
  • दिशाएँ तब बदलती हैं जब हम घूमते हैं — यह बच्चे सोचते हैं। असल में दिशाएँ नहीं बदलतीं, बस हमारी बायीं-दायीं ओर बदल जाती है।
  • 💡 Key Learning Points

    • ✓दिशाएँ चार होती हैं — पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण।
    • ✓सूरज पूरब में उगता है।
    • ✓उगते सूरज की ओर मुँह करें तो पीछे पश्चिम, बाएँ उत्तर और दाएँ दक्षिण होता है।
    • ✓दिशा पहचानने के लिए बाएँ-दाएँ का सही ज्ञान ज़रूरी है।
    • ✓दिशा कार्ड और गोले वाले खेल से दिशाओं का अभ्यास होता है।

    👨‍🏫 Teaching Tips

    • →कविता को मैदान में खड़े होकर, हर पंक्ति पर दिशा की ओर हाथ दिखाते हुए गवाएँ।
    • →बाएँ-दाएँ पहचानने के लिए 'दायाँ हाथ ऊपर, बायाँ पैर आगे' जैसे खेल कराएँ।
    • →गोले में बैठाकर पुस्तक की बाएँ-दाएँ गिनती वाली गतिविधि कराएँ।
    • →छोटे समूहों में दिशा कार्ड बनवाकर दीवारों पर लगवाएँ।
    • →दिए गए शब्दों से बच्चों को अपनी कहानी बनाकर सुनाने दें।
    • →रोज़ सुबह एक बच्चे से पूछें कि सूरज किस दिशा में है।

    📋 Assessment Questions

    1. बच्चा चारों दिशाओं के नाम बता सके।
    2. बच्चा बता सके कि सूरज किस दिशा में उगता है।
    3. बच्चा पूरब की ओर मुँह करके बाकी तीनों दिशाएँ सही बता सके।
    4. बच्चा अपने दाएँ और बाएँ बैठे मित्रों के नाम बता सके।